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29/08/2026 | चित्र अनावरण | पाद प्रक्षालन | शास्त्र भेंट | मंगल प्रवचन | #dehli #jainsant #jain
28/08/2026 | अष्टसहस्त्री | कारिका 22 प्र 02 पृष्ठ 403 भाग 02 | स्वभाव और संश्लेष धर्म
28/08/2026 | अध्यात्म अमृत कलश | कलश 234 प्रवचन 02 | ज्ञानापयोग का फल
*हे देश के मुनियो आचार्य गणों अपने शिष्यों को सिखाइये मुनियोंके भेद मत करो महावीर की मुद्रा एक ह
28/08/2026 | नीतिवाक्यामृत | राजरक्षा 82 | माता पिता सदा हितकारी | मंगल प्रवचन
28/08/2026 | प्रमा प्रमेय | अन्वय द्रष्ठानताभास | विपरीतादि भेद
28/08/2026 | स्वरूप सम्बोधन | राजरक्षा 16 | सदा आत्मस्थ रहो | मंगल प्रवचन
28/08/2026 | रक्षाबंधन कथा आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज
एक बार #भक्ति करने और एक बार #मंदिर जाने से, सारे #पाप नष्ट नही होंगे #viral #पोस्ट
रक्षा वंधन महापर्व | श्रमण संस्कृति रक्षा दिवस | #राखी #rakshabandhan #jainism #jainism #jain #reels
28/08/2026 | चित्र अनावरण | पाद प्रक्षालन | शास्त्र भेंट | मंगल प्रवचन | #dehli #jainsant #jain
28/08/2026 | चित्र अनावरण | पाद प्रक्षालन | शास्त्र भेंट | मंगल प्रवचन | #dehli #jainsant #jain
27/08/2026 | अष्टसहस्त्री | कारिका 22 प्र 01 पृष्ठ 402 भाग 02 | धर्म धर्मी में मुख्य गौण
27/08/2026 | अध्यात्म अमृत कलश | कलश 234 प्रवचन 01 | मुनियो की गुप्ति महान
27/08/2026 | चित्र अनावरण | पाद प्रक्षालन | शास्त्र भेंट | मंगल प्रवचन | #dehli #jainsant #jain
जितनी आग ईट के भट्टे में नहीं होती है उतनी गहरी आग व्यक्ति की ईर्ष्या में होती है #jainism #jain
27/08/2026 पाद प्रक्षालन , शास्त्र भेंट , आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज
मेरी आत्मा भगवान आत्मा कैसे बनेगी , बिना दिगंबर दीक्षा के कोई भगवान नही बन सकता #वायरल #post #jain
27/08/2026 | समाधितंत्र | श्लोक 35 प्रवचन 01 | परिणाम सँभालो पुण्य बढाओ
27/08/2026 | श्रमण मुनि श्री संजयंत सागर जी महाराज ,धैर्य रखो मुक्ति होगी | ऋषभ विहार दिल्ली
27/08/2026 | नीतिवाक्यामृत | राजरक्षा 81 | पितृ भक्ति उदाहरण | मंगल प्रवचन
पंचमकाल में सच्चे देव शास्त्र गुरु की शरण ही सच्ची शरण है :- मुनि सकलार्थ सागर जी #जैनगुरु #संत #जैन
27/08/2026 | स्वरूप सम्बोधन | राजरक्षा 15 | मूल हेतु सहकारी हेतु | मंगल प्रवचन
जैसा भाव भरता जीव चेहरा वैसा बनने लगता है #जैनधर्मकेसिद्धांत #jai #jainism #jaindharm #jain
26/08/2026 | अध्यात्म अमृत कलश | कलश 233 प्रवचन 01 | प्रश्म रस पान करो
26/08/2026 | अष्टसहस्त्री | कारिका 21 प्र 24 पृष्ठ 400 भाग 02 | धर्म धर्मी एक अनेक
25/08/2026 | पाद प्रक्षालन | ग्रंथ भेंट | विमोचन | श्री फल भेंट #जैन #jainism #जैनागम #जैनधर्म
26/08/2026 | समाधितंत्र | श्लोक 34 प्रवचन 03 | भ्रम हटाओ भगवान वन जाओ
नारी का धर्म है मर्यादा में जीवन जिये #जैन #विशुद्धसागर #vision #जैन #जैनगुरु
26/08/26 आहार चर्या पड़गाहन पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज #wonderful #jains #santa #jainism
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